November 28, 2022

HACKED BY AYYILDIZ TIM

HACKED BY AYYILDIZ TIM Yıldırım Orduları Birim Komutanlığı

465 दिन तक ऐसे ही बना रहा ये बुलबुला, फूटने से पहले रंग हुआ हरा

साबुन के बुलबुले फूंकना बच्‍चों को खुश करने का सबसे आसान तरीका होता है, भले ही ये बुलबुले कुछ ही देर में फूट जाएं. अब वैज्ञानिकों ने ऐसे बुलबुले बनाए हैं जो एक साल से ज्‍यादा समय तक बिना फूटे रह सकते हैं. 

  • वैज्ञानिकों ने बनाए अनोखे बुलबुले 
  • एक साल से भी ज्‍यादा समय तक नहीं फूटे 
  • फूटने से पहले बदल गया था बुलबुले का रंग 

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 465 दिन तक ऐसे ही बना रहा ये बुलबुला, फूटने से पहले रंग हुआ हरा

नई दिल्‍ली: बुलबुलों के बारे में तो हम जानते ही हैं कि कुछ ही देर बाद उनका फूटना तय होता है लेकिन वैज्ञानिकों ने अनायास ही ऐसे बुलबुलों का निर्माण कर लिया जो एक साल से ज्‍यादा समय तक बिना फूटे बने रहे. 

465 दिनों तक नहीं फटा बुलबुला 

हमारी सहयोगी वेबसाइट WION की रिपोर्ट के अनुसार, फिजिकल रिव्यू फ्लुइड्स में प्रकाशित एक नए पेपर के अनुसार, फ्रांसीसी भौतिकविदों ने प्लास्टिक के कणों, ग्लिसरॉल और पानी का उपयोग करके लंबे समय तक न फूटने वाले बुलबुले बनाए हैं. वे एक ऐसा बुलबुला भी बनाने में कामयाब रहे जो 465 दिनों तक बिना फूटे बना रहा. 

इस तरीके से बनाया गया अनोखा बुलबुला 

वैज्ञानिकों ने बताया कि साबुन के बुलबुले के विपरीत नए बुलबुले फूटने से पहले एक साल से अधिक समय तक चल सकते हैं. साबुन और पानी के बजाय ये  बुलबुले पानी, प्लास्टिक के माइक्रोपार्टिकल्स और ग्लिसरॉल नाम के एक चिपचिपे, स्पष्ट तरल से बने होते हैं. ये कॉम्‍ब‍िनेशन उन कारकों को रोकते हैं जो आमतौर पर बुलबुले को जल्दी से खराब करते हैं. 

इस वजह से फट जाता है आम बुलबुला 

आम तौर पर साबुन के बुलबुले में तरल नीचे तक डूब जाता है और ऊपर एक पतली फिल्म छोड़ देता है जो आसानी से फट सकती है. इसके अलावा, वाष्पीकरण बुलबुले की ताकत को कम करता है. प्लास्टिक के कण हमेशा के लिए बुलबुले में पानी से चिपके रहते हैं जिससे फिल्म की मोटाई बनी रहती है. हवा में ग्लिसरॉल नमी को अवशोषित करके वाष्पीकरण को रोकता है. 

बुलबुले के फटने का करते रहे इंतजार 

फ्रांस में यूनिवर्सिटी डी लिले के माइकल बाउडॉइन कहते हैं कि जब बुलबुला कई दिनों के बाद भी नहीं फटा तो हम चकित रह गए. यह पता लगाने के लिए कि बुलबुले कितने समय तक रहेंगे, उन्होंने और उनके सहयोगियों ने उन्हें करीब से देखा. उन्होंने इंतजार पर इंतजार किया. सामान्य वायुमंडलीय परिस्थितियों में अब तक का सबसे लंबा बुलबुला फटने से 465 दिन पहले तक बना रहा. 

अंत में फटने से पहले वह बुलबुला थोड़ा हरा हो गया. यह इस बात का संकेत है कि आखिरकार इसके फटने का क्या कारण है. टीम के अनुसार रोगाणुओं ने बुलबुले में निवास किया जिससे इसकी संरचना कमजोर हो गई. 

दवा बनाने में भी उपयोगी हो सकती है ये तकनीक 

न्यूयॉर्क यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर लीफ रिस्ट्रोफ जो अध्ययन में शामिल नहीं थे, वे कहते हैं कि ऐसी एंटी-वाष्पीकरण तकनीक दवा में उपयोगी हो सकती है. उन्होंने कहा, “मैं यहां काल्‍पनिक सपना देख रहा हूं, लेकिन मैं सोच सकता हूं कि यह एरोसोल और स्प्रे में छोटी बूंदों को ‘कवच’ के लिए उपयोगी हो सकता है ताकि वे हवा में अधिक समय तक रहें.” 

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