September 27, 2022

HACKED BY AYYILDIZ TIM

HACKED BY AYYILDIZ TIM Yıldırım Orduları Birim Komutanlığı

बजट 2022- कोवर्किंग स्पेस में जीएसटी छूट और होम लोन ब्याज पर राहत को बढ़ने से रियल्टी को होगा फायदा- रियल एस्टेट सेक्टर  

कोरोनोवायरस महामारी संकट के बीच आवासीय क्षेत्र में जोरदार उछाल देखने को मिल रहा है। शीर्ष 8 शहरों में आवासीय बिक्री कोरोना के पहले के स्तर पर वापस आ गई है। रियल एस्टेट सेक्टर 2022 में मजबूत मांग की उम्मीद कर रहा है, इसके साथ ही उसे उम्मीद है केंद्रीय बजट 2022 इसमें एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। उद्योग को उम्मीद है कि रियल एस्टेट क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए करों में कुछ छूट और कच्चे माल पर जीएसटी में छूट या कटौती की जाए।

रियल एस्टेट को उद्योग का दर्जा 
नरेड्को पुणे के डॉ अतुल गोयल का कहा है कि रियल एस्टेट क्षेत्र कर में कुछ छूट कि उम्मीद कर रहा है जैसे कि धारा 24 के तहत 2 लाख की छूट में वृद्धि। महामारी के कारण प्रॉफिट मार्जिन पहले से ही कम है और डेवलपर्स को खोए हुए समय की भरपाई भी करनी होगी। सिंगल विंडो क्लीयरेंस मैकेनिज्म की मांग कई सालों से बनी हुई है। इसके अलावा, यह रियल एस्टेट क्षेत्र को उद्योग का दर्जा देने का एक उपयुक्त क्षण है ताकि वह वित्तीय संस्थानों से सस्ती ऋण सुविधाओं का लाभ उठा सके। 
इसके अलावा, निर्माणाधीन संपत्तियों के लिए जीएसटी छूट, और किफायती आवास क्षेत्र में निजी निवेश के लिए प्रोत्साहन अच्छे होंगे। गोयल का कहना है लिक्विडिटी में ढील और अल्पकालिक टैक्स हॉलिडे रियल्टी क्षेत्र में रिकवरी के लिए अच्छे हो सकते हैं। अवंता इंडिया के एमडी, नकुल माथुर का कहना है, “नए बजट में, हम वित्त मंत्री से कोवर्किंग में टीडीएस दरों को कम करने का अनुरोध करेंगे। यह सबसे अच्छा होगा यदि वित्त मंत्री कोवर्किंग स्पेस को 2% टीडीएस स्लैब में लाने पर विचार करें। इससे कोवर्किंग स्पेस में नकदी प्रवाह के प्रबंधन में बहुत मदद मिलेगी।”

सीमेंट, स्टील आदि जैसे कच्चे माल पर जीएसटी में छूट
रियल एस्टेट भारतीय अर्थव्यवस्था के प्रमुख स्तंभों में से एक है, जो सकल घरेलू उत्पाद में लगभग 8% का योगदान देता है। रियल एस्टेट और फंड मैनेजमेंट में रिसोर्स स्पेशलिस्ट सिद्धार्थ मौर्य का कहना है कि सरकार को इस क्षेत्र द्वारा निभाई गई महत्वपूर्ण भूमिका को स्वीकार करना चाहिए और रियल्टी मांग में वृद्धि में तेजी लाने के लिए गहन नीतिगत सुधार करना चाहिए। वर्तमान में, होम लोन पर ब्याज के रूप में भुगतान किए गए 2 लाख तक आयकर में छूट का लाभ उठाया जा सकता है। इस क्षेत्र में स्वस्थ मांग के निर्माण के लिए इसे संशोधित और बढ़ाया जाना चाहिए। इसी तरह, सीमेंट, स्टील आदि जैसे कच्चे माल पर जीएसटी पर छूट या कटौती की पेशकश की जानी चाहिए। कच्चे माल की कीमतें बढ़ रही हैं और जीएसटी दरों में कमी से डेवलपर को बहुत राहत मिल सकती है। इस क्षेत्र को बुनियादी ढांचा का दर्जा देना भी लंबित है, इससे सेक्टर में लिक्विटी में मदद मिल सकती है।

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